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शकरकंद कब खाना चाहिठऔर कब नहीं? à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ से जानें
शकरकंद खाने का सही समय: शकरकंद जहां, डायबिटीज में खाना फायदेमंद है तो, वहीं इसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मातà¥à¤°à¤¾ में खाना तेजी से वजन à¤à¥€ बढ़ा सकता है।
शकरकंद सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के मौसम का आलू है जिसे लोग बड़े चाव से खाते हैं। इसकी तासीर गरà¥à¤® होती है और हाई कैलोरी के मामले में ये à¤à¤• कंपà¥à¤²à¥€à¤Ÿ फूड है। शकरकंद को लोग कई पà¥à¤°à¤•ार से बनाते और खाते हैं। जैसे कि शकरकंद को कà¥à¤› लोग à¤à¤¾à¤œà¥€ बना कर खाते हैं, तो कà¥à¤› उबाल कर खाते हैं तो, कà¥à¤› लोग आग में पका कर खाते हैं। इसके अलावा à¤à¥€ शकरकंद से लोग कई अलग-अलग पà¥à¤°à¤•ार की रेसिपी तैयार करते हैं, जैसे कि शकरकंद का हलवा, शकरकंद का खीर, शकरकंद की सबà¥à¤œà¥€ और शकरकंद का à¤à¤°à¤¤à¤¾à¥¤ शकरकंद खाने के जितने फायदे हैं उतने ही नà¥à¤•सान à¤à¥€ हो सकते हैं, अगर आप इसे गलत समय पर और गलत तरीके से खाà¤à¤‚। जैसे कि रात में शकरकंद खा कर सोना आपका वजन बढ़ा सकता है, तो वहीं इसका अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में सेवन कबà¥à¤œ या दसà¥à¤¤ की समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ दे सकता है। तो, पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨ ये उठता है कि आखिरकार कब हमें शकरकंद का सेवन करना चाहिठ(when to eat sweet potato)? इसी बारे में हमें डॉ शà¥à¤à¤® वातà¥à¤¸à¥à¤¯à¤¾ (Dr Shubham Vatsya)सलाहकार- गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤à¤‚टरोलॉजी, फोरà¥à¤Ÿà¤¿à¤¸ à¤à¤¸à¥à¤•ॉरà¥à¤Ÿà¥à¤¸ असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤², फरीदाबाद ने बताया। साथ ही उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने शकरकंद के फायदे और नà¥à¤•सानों से à¤à¥€ अवगत करवाया। लेकिन उससे पहले जान लेते हैं शकरकंद के कà¥à¤› खास पोषक ततà¥à¤µà¥¤
शकरकंद के खास पोषक ततà¥à¤µ-Nutritional value of Sweet potato
तो शकरकंद सैकड़ों पà¥à¤°à¤•ार के होते हैं। कà¥à¤› में सफेद या कà¥à¤°à¥€à¤® रंग का मांस होता है। अनà¥à¤¯ पीले, लाल या बैंगनी हैं। à¤à¤• शकरकंद में
कैलोरी: 112
फैट: 0.07 गà¥à¤°à¤¾à¤®
कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ: 26 गà¥à¤°à¤¾à¤®
पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨: 2 गà¥à¤°à¤¾à¤®
फाइबर: 3.9 गà¥à¤°à¤¾à¤®
विटामिन बी
विटामिन सी
विटामिन डी
कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®
आयरन
मैगनीशियम
फासà¥à¤«à¥‹à¤°à¤¸
पोटैशियम
थायमिन
जिंक
शकरकंद कब खाना चाहि�
1. नाशà¥à¤¤à¥‡ में
नाशà¥à¤¤à¤¾ शकरकंद खाने का सबसे सही समय (Right time to eat sweet potato) है। दरअसल, सिरà¥à¤« à¤à¤• शकरकंद आपको हर दिन जरूरी विटामिन ठका 400% देता है। जो कि आपकी आंखों को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखने के साथ-साथ आपकी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€, आपके शरीर की कीटाणà¥à¤“ं से रकà¥à¤·à¤¾ करने में मदद करता है। यह आपके पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ तंतà¥à¤° और आपके हृदय और गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ जैसे अंगों के लिठà¤à¥€ अचà¥à¤›à¤¾ है। इसके अलावा इसका हाई कैलोरी वाला होना दिन à¤à¤° à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥‡à¤šà¤¿à¤• बनाठरखने में मदद करता है। साथ ही इसमें कैरोटीनॉयड à¤à¥€ होता है जो कि à¤à¤¸à¤¾ à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट है जो आपकी कोशिकाओं को दिन-पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ कà¥à¤·à¤¤à¤¿ से बचाने में मदद करता है। इसलिठआप नाशà¥à¤¤à¥‡ में शकरकंद खाà¤à¤‚।
2. डायबिटीज में
शकरकंद का गà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤¸à¥‡à¤®à¤¿à¤• इंडेकà¥à¤¸ कम होता है और इसका सेवन इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ के पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥à¤¶à¤¨ और कारà¥à¤¯à¤ªà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने में मदद कर सकता है। शकरकंद में उचà¥à¤š मातà¥à¤°à¤¾ में फाइबर होता है जो टाइप 1 मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ से पीड़ित लोगों में बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र के सà¥à¤¤à¤° को बढ़ाने में मदद करता है। वही फाइबर सामगà¥à¤°à¥€ टाइप 2 डायबिटीज वाले लोगों में बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र, लिपिड और इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ के सà¥à¤¤à¤° में सà¥à¤§à¤¾à¤° करने में à¤à¥€ मदद करती है।
3. पाचन समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं में फायदेमंद
शकरकंद पाचक फाइबर से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होता है और इसमें मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤® जैसे खनिज à¤à¥€ होते हैं जो पाचन में सà¥à¤§à¤¾à¤° करने में मदद करते हैं। सà¥à¤Ÿà¤¾à¤°à¥à¤š की उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के कारण, शकरकंद पचने में बहà¥à¤¤ आसान होता है और यह कबà¥à¤œ और अनà¥à¤¯ पाचन समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं से बचाव में à¤à¥€ मददगार है।
शकरकंद कब नहीं खाना चाहि�
शकरकंद में मौजूद पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ की मातà¥à¤°à¤¾ के कारण इसे सà¥à¤ªà¤°à¤«à¥‚ड कहा जाता है। लेकिन ये कई सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में नà¥à¤•सानदेह à¤à¥€ है। जैसे कि
1. रात को
रात को शकरकंद खाना शरीर के लिठनà¥à¤•सानदेह होता है। ये वजन बढ़ा सकता है। दरअसल, शकरकंद में हाई कैलोरी वाला है जो कि सà¥à¤Ÿà¤¾à¤°à¥à¤š से à¤à¤°à¤ªà¥‚र है। ये पोषक ततà¥à¤µ पचाने में बहà¥à¤¤ आसान होते हैं और आपके शरीर में बॉडी मॉस जोड़ते हैं।
2. बीटा-बà¥à¤²à¥‰à¤•रà¥à¤¸ दवा के साथ
हृदय रोग और बीटा-बà¥à¤²à¥‰à¤•रà¥à¤¸ दवा वाले लोगों को इसके सेवन से बचना चाहिà¤à¥¤ दरअसल, बीटा-बà¥à¤²à¥‰à¤•रà¥à¤¸ पोटेशियम के सà¥à¤¤à¤° को बढ़ाते हैं और पोटेशियम यà¥à¤•à¥à¤¤ शकरकंद का अधिक सेवन जटिलताà¤à¤‚ पैदा कर सकता है।
3. गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की समसà¥à¤¯à¤¾ में
गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की समसà¥à¤¯à¤¾ वाले लोगों को शकरकंद से बचना चाहिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि ये खून में पोटेशियम की मातà¥à¤°à¤¾ बढ़ा सकता है और गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की अनà¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का कारण बन सकता है।
धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि शकरकंद में कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ की मातà¥à¤°à¤¾ अधिक होती है। खाना पकाने के कà¥à¤› तरीके, जैसे पकाना, à¤à¥‚नना और तलना, इसके गà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤¸à¥‡à¤®à¤¿à¤• इंडेकà¥à¤¸ को बढ़ा देते हैं जो कि बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र बढ़ा सकता है। साथ ही आपको टाइप 2 डायबिटीज है, तो इस सबà¥à¤œà¥€ को अपने à¤à¥‹à¤œà¤¨ में सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ रूप से कैसे शामिल करें, इस बारे में अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° या आहार विशेषजà¥à¤ž से बात करें।
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